अलवर में साइबर क्राइम के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन संग्राम ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले करीब एक महीने में पुलिस ने चोरी और गुमशुदा हुए 40 लाख रुपए से अधिक कीमत के 123 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोनों को अब उनके असली मालिकों को लौटाया जा रहा है। अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में साइबर अपराधों और चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मोबाइल ट्रेसिंग सिस्टम और साइबर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कई शहरों और ग्रामीण इलाकों से मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए मोबाइल्स की अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपए आंकी गई है।
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन बरामद मोबाइल्स में अधिकांश वे फोन हैं, जिनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थानों में दर्ज कराई गई थी। कई मोबाइल चोरी हो गए थे और उन्हें बेचने या उपयोग करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के चलते उन्हें जल्द ट्रेस कर लिया गया।
मोबाइल वापसी से मालिकों के चेहरों पर संतोष और खुशी झलक रही है। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की मेहनत से उन्हें अपना कीमती सामान वापस मिल गया।
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन संग्राम का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर रोक लगाना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत न केवल चोरी और गुमशुदा मोबाइल बरामद किए जा रहे हैं, बल्कि साइबर ठगी करने वाले गिरोहों की भी पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स की मदद से पुलिस अब चोरी या गुम होने वाले मोबाइल फोनों को तेजी से ट्रैक कर पा रही है। वहीं, आमजन से भी अपील की गई है कि वे मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें, जिससे ट्रेसिंग में आसानी हो। अलवर पुलिस की इस पहल से आम नागरिकों में भरोसा बढ़ा है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में जिले में साइबर अपराध और मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं में और भी कमी आएगी।
