सोनम-मुस्कान का इतना खौफ, पत्नी के प्रेमी से खौफ खाए पति ने खुद कराई उनकी शादी, कहा- "अभी जिंदा रहना है!"

5 Min Read

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जब देशभर में पत्नियों द्वारा अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या की खबरें सुर्खियों में बनी हुई हैं, वहीं अमेठी के एक पति ने इन घटनाओं से डरा हुआ एक अनोखा और हैरान करने वाला कदम उठा लिया। उसने न तो गुस्से में आकर अपनी पत्नी से झगड़ा किया और न ही कानून को हाथ में लिया, बल्कि उसने अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी।

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

यह मामला अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के दरियाव गांव का है, जहां के सतई नामक युवक ने अपनी पत्नी की बेवफाई पकड़े जाने के बाद जो कदम उठाया, वह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। सतई की शादी 13 साल पहले अमेठी जिले की रहने वाली सीमा नामक महिला से हुई थी। सीमा की शादी से पहले ही शिवानंद नामक युवक से प्रेम-प्रसंग था, जो शादी के बाद भी जारी रहा।

जब सच्चाई सामने आई…

करीब एक सप्ताह पहले सतई ने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी शिवानंद के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया। उस क्षण को कोई दूसरा होता तो शायद हिंसक प्रतिक्रिया देता, लेकिन सतई ने अपने क्रोध पर काबू रखते हुए एक अलग और शांतिपूर्ण रास्ता चुना। उसने तय किया कि अब जब उसकी पत्नी का दिल कहीं और है, तो उसे जबरदस्ती साथ रखने का कोई मतलब नहीं है।

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

प्रेमी से करा दी पत्नी की शादी

इस फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए सतई अपनी पत्नी को लेकर अमेठी की तिलोई तहसील पहुंचा, जहां नोटरी विवाह के माध्यम से सीमा और शिवानंद की शादी करवा दी गई। विवाह के बाद सीमा अपने प्रेमी के साथ चली गई और सतई ने सुकून की सांस ली।

“मैं मरना नहीं चाहता, इसलिए उसे आज़ाद किया”

पत्नी की शादी करवाने के बाद सतई ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने एक हफ्ता पहले उसे उसके प्रेमी के साथ देखा था। हमने 13 साल पहले सात फेरे लिए थे और साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं, लेकिन उसने उन कसमों को तोड़ दिया। ऐसे में मैंने उसकी इच्छा का सम्मान किया और उसे आज़ाद कर दिया।”सतई का यह भी कहना है कि जबरदस्ती किसी को साथ रखना, खुद के लिए मौत बुलाने जैसा होता है, और वह अभी जिंदा रहना चाहता है।

परिवार ने भी दिया समर्थन

सीमा के इस निर्णय पर उसके पिता राम प्रसाद ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी जिसे प्रेम करती थी, अब उसी के साथ गई है और उन्हें इस विवाह से कोई आपत्ति नहीं है। राम प्रसाद ने कहा, “हमने अपनी बेटी के फैसले का सम्मान किया है और चाहते हैं कि वह अपने प्रेमी के साथ खुश रहे।”

सामाजिक नजरिया और सवाल

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आज के दौर में जब सोनम रघुवंशी हत्याकांड, मेरठ के नीले ड्रम वाली घटना, या राजा रघुवंशी मर्डर केस जैसी खबरें सामने आ रही हैं, जिसमें पत्नियों ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या कर दी — वहां सतई जैसे पति का यह फैसला एक नई सोच को दर्शाता है।सतई का यह कदम कई सवाल भी उठाता है — क्या यह डर का परिणाम था या समझदारी का? क्या यह एक नया सामाजिक उदाहरण बनेगा जहां रिश्तों में जबरदस्ती की जगह सम्मान होगा? सतई और सीमा का यह मामला निश्चित रूप से दिलचस्प और सोचने योग्य है। यह कहानी रिश्तों की जटिलता, विश्वास की कीमत और व्यक्तिगत आज़ादी के मायनों को नए दृष्टिकोण से देखने को मजबूर करती है। जहां एक ओर विश्वासघात है, वहीं दूसरी ओर समझदारी और संयम भी है।इस घटना ने अमेठी ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में चर्चा को जन्म दे दिया है कि जब रिश्ते दम तोड़ दें, तब हिंसा नहीं, शांति और समझदारी को चुनना ही बेहतर होता है।

Share This Article