Surya Grahan 2026: रक्षा बंधन से पहले लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण, देखें तिथि, समय और क्या भारत में देगा दिखाई

3 Min Read

ज्योतिषीय नज़रिए से, साल 2026 बहुत ज़्यादा अहम है, क्योंकि इस साल कई ग्रहों का गोचर (स्थान परिवर्तन) बार-बार होगा। इसके अलावा, कई ग्रह वक्री (उल्टी चाल) और मार्गी (सीधी चाल) दोनों तरह की गतियों से गुज़रेंगे, साथ ही ग्रहों के अस्त होने (छिप जाने) और उदय होने की भी संभावना है। इसके अलावा, पूरे साल सूर्य और चंद्र ग्रहण भी बार-बार लगेंगे। सूर्य ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है, जिसका गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी होता है। दृक पंचांग के अनुसार, 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था; उस घटना के बाद, अब दूसरा सूर्य ग्रहण रक्षा बंधन के त्योहार से ठीक पहले लगने वाला है। यहाँ आप 2026 के दूसरे सूर्य ग्रहण की तारीख, समय, *सूतक* काल और किन-किन जगहों पर यह दिखाई देगा, इसके बारे में पूरी जानकारी पा सकते हैं।

अगस्त में सूर्य ग्रहण कब लगेगा?
यह ध्यान देने वाली बात है कि रक्षा बंधन का त्योहार 28 अगस्त, 2026 को मनाया जाएगा; इससे पहले, 12 अगस्त, 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा। इस घटना की एक अनोखी बात यह है कि यह हरियाली अमावस्या (बरसात के मौसम की अमावस्या) के दिन ही पड़ रही है, जिससे इस खास दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। दृक पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त, 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होगा और अगली सुबह—13 अगस्त, 2026 को—सुबह 4:25 बजे खत्म होगा। हालाँकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा; इसलिए, इससे जुड़ा *सूतक* काल (धार्मिक नियमों के पालन का समय) देश में मान्य या लागू नहीं माना जाएगा।

12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण कहाँ-कहाँ दिखाई देगा?
दृक पंचांग की गणनाओं के आधार पर, 12 अगस्त, 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण आइसलैंड, ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा। इसके अलावा, यह ग्रहण स्पेन के कुछ हिस्सों में भी साफ-साफ देखा जा सकेगा। साथ ही, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे कई यूरोपीय देशों के लोग भी इस सूर्य ग्रहण को देख सकेंगे।

सूर्य ग्रहण के दौरान किन बातों से बचना चाहिए?
देवी-देवताओं की तस्वीरों या मूर्तियों को छूने से बचें।
भोजन करने से बचें।
नुकीली वस्तुओं या कांच से बनी चीज़ों का इस्तेमाल करने से बचें।
कोई भी नया काम या प्रोजेक्ट शुरू न करें। कोई भी शुभ कार्य न करें।
तुलसी के पौधों को न छुएं।
नकारात्मक प्रभावों से दूर रहें।

Share This Article