पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपनी निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए चीन के साथ एक बड़ा समझौता किया है। 5 सितंबर को, चीनी कंपनी PIESAT इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी ने पाकिस्तान सरकार के साथ 406 मिलियन डॉलर का एक समझौता किया, जिसके तहत पाकिस्तान को एक एकीकृत उपग्रह प्रणाली बनाने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम के पहले चरण में 20 उपग्रहों का प्रक्षेपण और संचालन, एक उपग्रह निर्माण केंद्र की स्थापना और सहायक सॉफ्टवेयर का विकास शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य पाकिस्तान के लिए उपग्रह निगरानी का एक नेटवर्क तैयार करना है, ताकि भारत की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा सके। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारतीय सैन्य अधिकारियों ने खुलासा किया था कि चीन ने उपग्रह निगरानी में पाकिस्तान की मदद की थी और पाकिस्तान चीनी उपग्रहों के माध्यम से भारत पर लाइव नज़र रखने में सक्षम था। ऐसा माना जाता है कि चीन की मदद से पाकिस्तान अपने लिए एक उपग्रह नेटवर्क प्रणाली बनाना चाहता है, ताकि युद्ध के दौरान उसे भारतीय हमलों की पहले से जानकारी मिल सके।
पाकिस्तान और चीन के बीच उपग्रह नेटवर्क समझौता
पाकिस्तान लंबे समय से भारत के खिलाफ निगरानी क्षमता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। 2021 में, पाकिस्तान ने इस उद्देश्य के लिए पाकिस्तान अंतरिक्ष केंद्र (PSC) को वित्त पोषित किया, लेकिन वह योजना कभी धरातल पर नहीं उतर पाई। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों अपने 11 एयरबेस गंवाने के बाद, अब उसने चीन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। PIESAT अनुबंध उस सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कारखाना स्थापना और उपग्रह समूह की तैनाती, सभी एक पैकेज के रूप में शामिल हैं। इसका मतलब है कि पाकिस्तान को जल्द ही इस नेटवर्क प्रणाली का लाभ मिलना शुरू हो सकता है।
आपको बता दें कि चीनी कंपनी PIESAT का लक्ष्य अंतरिक्ष में चीन का सबसे बड़ा वाणिज्यिक सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) नेटवर्क बनाना है, जिसके तहत वह पृथ्वी की निचली कक्षा में 114 उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगी। अब तक उसने 13 उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं। भारत के खिलाफ संघर्ष के दौरान पाकिस्तान इमेजिंग इंटेलिजेंस (IMINT) की समस्या से जूझ रहा था, जबकि भारत के पास ISRO का अपना नेटवर्क है। पारंपरिक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO) उपग्रह दिन के उजाले और बादल रहित आसमान पर निर्भर करते हैं, जिससे समय पर और सटीक तस्वीरें प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। इसके विपरीत, PIESAT की विशेषता SAR प्रौद्योगिकी है, जो सभी मौसम की स्थिति में तथा दिन या रात के किसी भी समय उच्च गुणवत्ता वाली जमीनी तस्वीरें प्रदान कर सकती है।
