वीडियो में देखें जोधपुर में बदहाल सफाई व्यवस्था पर हाईकोर्ट नाराज, नगर निगम को लगाई जमकर फटकार

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राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम की लापरवाही और शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार को जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस अनुरूप सिंघी की डिवीजन बेंच ने महेश गहलोत की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए साफ कहा कि जोधपुर शहर की स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय है। अदालत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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‘गंदगी से बदहाल है शहर’
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह से शहर में गंदगी फैली हुई है, वह आमजन के स्वास्थ्य और जीवन के लिए खतरनाक है। जोधपुर जैसे ऐतिहासिक और पर्यटक शहर की पहचान उसकी सफाई और व्यवस्था से होती है, लेकिन वर्तमान हालात देखकर शर्मिंदगी होती है। अदालत ने कहा कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।

नगर निगम की भूमिका पर सवाल
याचिकाकर्ता महेश गहलोत ने अदालत के सामने शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के ढेर, नालियों की गंदगी और कूड़ा उठाने में लापरवाही से जुड़े सबूत प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है और नागरिक परेशान हैं। कोर्ट ने इन दलीलों पर सहमति जताते हुए निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया।

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कोर्ट की सख्त टिप्पणियाँ
डिवीजन बेंच ने नगर निगम को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता से टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन बदले में उन्हें बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो अदालत स्वयं इसकी निगरानी करेगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देगी।

जिम्मेदारों को तलब करने के संकेत
अदालत ने निगम प्रशासन से पूछा कि आखिर क्यों शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है और अब तक इस पर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। कोर्ट ने संकेत दिए कि अगली सुनवाई में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से बुलाया जा सकता है, ताकि उनसे जवाब मांगा जा सके।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं
हाईकोर्ट की इस फटकार के बाद शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि अब सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। लंबे समय से जोधपुर के लोग कचरे, नालियों और सीवर की समस्या से जूझ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग नगर निगम के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। अब अदालत की सख्ती से निगम प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय है।

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