संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दल सदन में ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमले और बिहार में जारी एसआईआर जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। हालाँकि, सरकार अब पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार है। इस मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार (28 जुलाई) और अगले हफ्ते मंगलवार (29 जुलाई) को राज्यसभा में बहस होगी। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारतीय सेना की कार्रवाई पर संसद को संबोधित करने की भी मांग की।
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प्रधानमंत्री मोदी ऑपरेशन सिंदूर पर कब बोलेंगे?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अगले हफ्ते पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर पर बोलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 29 जुलाई को राज्यसभा को संबोधित करेंगे। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। तब से विपक्ष भारत द्वारा की गई कार्रवाई पर चर्चा की मांग कर रहा है। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन का दौरा करेंगे
कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल इसी हफ़्ते ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी 23-24 जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर लंदन जाएँगे। अगर सदन में चर्चा होती है तो प्रधानमंत्री मोदी जवाब नहीं दे पाएँगे, इसलिए विपक्ष ने संशोधित कार्यक्रम स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मौजूदगी में लंदन में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
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संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर 25 घंटे चर्चा होगी
सरकार सोमवार (21 जुलाई, 2025) को संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी। कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे चर्चा करने का फ़ैसला लिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने के बजाय विदेश दौरों को ज़्यादा महत्व दिया है।
