उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मां ने अपने लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर अपनी ही सात साल की बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, दोनों ने बच्ची के शव को बेड बॉक्स में छिपा दिया और बेफिक्र होकर शहर में घूमने और शराब पार्टियों में मशगूल हो गए।पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी महिला की पहचान रोशनी खान उर्फ नाज़ के रूप में हुई है, जबकि उसका लिव-इन पार्टनर उदित जायसवाल है। यह भयावह घटना लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के खुंदरी बाजार में 13-14 जुलाई की रात को हुई।
मां ने बेरहमी से दी बेटी को मौत
पुलिस के मुताबिक, बच्ची अपनी मां के अवैध संबंधों का विरोध कर रही थी और अपने पिता शाहरुख खान के साथ रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर रोशनी और उदित ने पहले बच्ची की पिटाई की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। डीसीपी श्रीवास्तव ने बताया, “आरोपी महिला ने बच्ची के शरीर पर पैर रखकर उसे दबाया, जबकि उसके लिव-इन पार्टनर ने बच्ची का मुंह दबा दिया, जिससे मासूम की मौत हो गई।” यह क्रूरता यहीं नहीं रुकी। हत्या के बाद दोनों ने बच्ची के शव को बेड बॉक्स में ठूंस दिया और फिर घर से निकल गए। उन्होंने रात भर शहर में घूमते हुए कई जगहों पर शराब पार्टियों का मजा लिया, मानो कुछ हुआ ही न हो।
पति को फंसाने की साजिश
अगले दिन सुबह घर लौटने पर, रोशनी ने शव से आ रही दुर्गंध को छुपाने के लिए एयर फ्रेशनर और एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल कर झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उसका पति शाहरुख घर आया था और उसने उसकी बेटी की हत्या कर दी। लेकिन पुलिस की जांच में जल्द ही रोशनी के बयान में विरोधाभास सामने आया। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और गवाहों के बयान से यह साबित हुआ कि शाहरुख वारदात के समय घर पर नहीं था, बल्कि अपनी बहन के घर पर था।
पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद, उदित जायसवाल टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। पुलिस ने रोशनी और उदित दोनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पता चला कि रोशनी अपनी बेटी की हत्या करके अपने पति को फंसाना चाहती थी। ऐसा इसलिए क्योंकि उसने पहले भी अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। वह अपने पति के घर को भी हड़पना चाहती थी, जिसमें वह अपनी बेटी के साथ रह रही थी।
शराब और पार्टियों की शौकीन मां
रोशनी के पड़ोसियों ने बताया कि वह अक्सर देर रात नशे में धुत होकर दोस्तों के साथ लौटती थी, जिससे इलाके में हंगामा होता था। वह कभी-कभी अपनी बेटी को घर में बंद कर देती थी जब वह पार्टी करने जाती थी। पड़ोसियों ने यह भी कहा कि वह सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय थी और अक्सर पार्टियों की डांस रील्स और वीडियो पोस्ट करती थी।
पुलिस द्वारा बरामद शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बिगड़ते नैतिक मूल्यों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि एक मां के विकृत व्यवहार का भी एक दुखद उदाहरण है, जिसने अपने स्वार्थ के लिए अपनी ही बेटी की जान ले ली।
