कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने एक विधवा महिला को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी तो की, लेकिन जब महिला आठ माह की गर्भवती हुई तो उसे छोड़ दिया और दूसरी युवती से विवाह कर लिया। इस घटना ने इलाके में आक्रोश और संवेदनशील बहस को जन्म दे दिया है।
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प्रेमजाल में फंसाकर की शादी
मामला चिक्कबल्लापुर जिले के शिदलाघट्टा तालुक के अंबिगनहल्ली गांव का है। यहां रहने वाले 33 वर्षीय युवक सुनील की मुलाकात विधवा कीर्ति से हुई थी। कीर्ति के पति की मौत वर्ष 2022 में हो गई थी, जिसके बाद वह अपनी बेटी के साथ अकेले जीवन व्यतीत कर रही थी। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह एक निजी कंपनी में नौकरी कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सुनील से हुई और धीरे-धीरे दोनों में बातचीत शुरू हो गई।
सुनील ने कीर्ति को शादी का भरोसा दिया और रिश्ते को गंभीरता से निभाने का वादा किया। बाद में दोनों ने विवाह कर लिया और सुनील ने बाकायदा चिक्कबल्लापुर के उप-पंजीकरण कार्यालय में शादी का पंजीकरण भी कराया। शादी के बाद कीर्ति को यह विश्वास था कि जीवन की कठिनाइयों से लड़ने में अब उसे सहारा मिल गया है।
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गर्भवती होने के बाद छोड़ा
शादी के कुछ महीने बाद ही कीर्ति गर्भवती हो गई। आठ माह की गर्भावस्था के दौरान अचानक सुनील ने परिवार में विरोध का बहाना बनाकर उसे छोड़ दिया। यही नहीं, उसने कीर्ति को दरकिनार करते हुए दूसरी युवती से विवाह भी कर लिया। इस घटना से कीर्ति पूरी तरह टूट गई और वह न्याय की गुहार लगाने के लिए सुनील के अंबिगनहल्ली स्थित घर पहुंची।
ससुराल वालों ने की मारपीट
कीर्ति जब अपने पति सुनील के घर पहुंची तो वहां मौजूद उसके माता-पिता और रिश्तेदारों ने विरोध जताया। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने कीर्ति के साथ मारपीट भी की। स्थिति बिगड़ने पर 112 पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए गर्भवती महिला को सुरक्षित निकाला और चिक्कबल्लापुर मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया।
बेटी से छेड़छाड़ के आरोप
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। कीर्ति ने यह भी आरोप लगाया है कि सुनील ने उसकी बेटी से छेड़छाड़ की थी। यह खुलासा होने के बाद महिला पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
पहले भी किया था वादा
जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले इसी तरह का मामला चिक्कबल्लापुर महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। उस समय सुनील ने एक लिखित पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए वादा किया था कि वह अपनी पत्नी की अच्छे से देखभाल करेगा और उसके साथ जिम्मेदारी से रहेगा। लेकिन इसके बावजूद उसने फिर वही गलती दोहराई और गर्भवती पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली।
पीड़िता की दास्तां
कीर्ति का कहना है कि पति के निधन के बाद उसका जीवन संघर्षमय हो गया था। अपनी बेटी की परवरिश के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही थी। इसी दौरान सुनील ने उसके जीवन में आकर सहारा देने का भरोसा दिलाया। उसने सोचा कि शायद उसकी जिंदगी में फिर से खुशियां लौट आएंगी, लेकिन यह सब झूठ साबित हुआ।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के सामने आने के बाद चिक्कबल्लापुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सुनील पर पत्नी को छोड़ने, धोखाधड़ी करने और ससुराल पक्ष पर मारपीट का केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, बेटी के साथ छेड़छाड़ के आरोप की भी जांच हो रही है।
सामाजिक सवाल
यह मामला सिर्फ एक महिला की पीड़ा नहीं बल्कि समाज के लिए भी गहरी चिंता का विषय है। एक ओर जहां महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामले यह सवाल खड़े करते हैं कि क्या आज भी महिलाएं सुरक्षित हैं? खासकर विधवा महिलाओं की स्थिति समाज में किस हद तक असुरक्षित है, यह घटना उसका जीता-जागता उदाहरण है।
