राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान में शुरुआत के तीन दिनों में 23 लाख से अधिक जमाबंदी पंजी की प्रतियों का वितरण किया गया है। यह अभियान 16 अगस्त से राज्यभर में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड को नागरिकों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जमाबंदी प्रतियों के वितरण में शेखपुरा जिले ने सर्वाधिक हिस्सेदारी दर्ज की है। शेखपुरा में कुल जमाबंदी का 24.02 फीसदी प्रतियां वितरण की गई हैं, जिससे यह जिले ने इस अभियान में पहले स्थान पर कब्जा किया है। इसके बाद जहानाबाद दूसरे, कैमूर तीसरे, नवादा चौथे और पूर्णिया पांचवें स्थान पर रहे।
राजस्व महा–अभियान का उद्देश्य भूमि संबंधी दस्तावेजों और रिकॉर्ड को सीधे किसानों और भूमि मालिकों तक पहुँचाना है। इससे न केवल रिकॉर्ड की पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि विवादों और गलतफहमियों को भी कम किया जा सकता है। वितरण के दौरान स्थानीय राजस्व अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों ने जमाबंदी प्रतियों के सही तरीके से और समय पर वितरण को सुनिश्चित किया।
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अभियान के दौरान नागरिकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने-अपने रिकॉर्ड प्राप्त किए। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान राज्य में भूमि रिकॉर्ड और संपत्ति के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों से भूमि विवादों में कमी आएगी और किसानों और जमीन मालिकों के लिए राहत की स्थिति बनेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जमाबंदी पंजी की प्रतियों का समय पर वितरण न केवल नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करता है, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित करता है। यह अभियान डिजिटल रिकॉर्डिंग और तकनीकी साधनों के उपयोग के माध्यम से तेजी और सटीकता भी बढ़ा रहा है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में इस अभियान को व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने जमाबंदी रिकॉर्ड को जांचें और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
शेखपुरा जिले में अभियान की सफलता को देखते हुए अन्य जिलों में भी इसे और तेज़ी से लागू करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान पूरे राज्य में पारदर्शिता, दक्षता और नागरिकों के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस प्रकार, राजस्व महा–अभियान राज्य में भूमि रिकॉर्ड के सुधार और नागरिकों को उनके अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। शेखपुरा, जहानाबाद, कैमूर, नवादा और पूर्णिया जैसे जिलों में सफल वितरण ने अभियान की प्रभावशीलता को स्पष्ट किया है और इसे राज्यभर में जारी रखने की तैयारी की जा रही है।
