स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ी पहल की है। अब गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनकी देखभाल सरकारी नर्सिंगकर्मी उनके घर जाकर करेंगे। यह सुविधा फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ जिलों में शुरू की गई है, जिसे जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
घर पर ही मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
नई व्यवस्था के तहत मरीजों के बीपी और शुगर की जांच, दवाइयों का समय पर सेवन, और उनकी डाइट संबंधी निगरानी नर्सिंगकर्मी करेंगे। जिन मरीजों को विशेष व्यायाम की आवश्यकता होगी, उनके लिए फिजियोथेरेपिस्ट घर जाकर सेवाएं देंगे।
डॉक्टर खुद लेंगे फॉलोअप
मरीज जिस डॉक्टर से इलाज करवा रहा है, वह समय-समय पर खुद फॉलोअप भी लेंगे। इससे मरीज को अस्पताल आने-जाने की परेशानी से राहत मिलेगी और इलाज में निरंतरता बनी रहेगी।
गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को सबसे अधिक लाभ
यह सुविधा विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग, किडनी की समस्या, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और बुजुर्गों के लिए उपयोगी साबित होगी। ऐसे मरीज जिन्हें बार-बार अस्पताल जाना मुश्किल होता है, उन्हें अब अपने घर पर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की नई पहल
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस योजना का मकसद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना और उन्हें अस्पतालों की भीड़ से निजात दिलाना है। विभाग ने इस सेवा को चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू करने का रोडमैप तैयार कर लिया है।
परिवारों को भी मिलेगी राहत
इस पहल से मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी राहत मिलेगी। अब उन्हें मरीजों को अस्पताल ले जाने की भागदौड़ और खर्च का बोझ कम होगा।
यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
