भीलवाड़ा शहर के बीचोंबीच स्थित धांडोलाई तलाई जिसे नेहरू तलाई या धर्म तलाई के नाम से भी जाना जाता है, में बीती रात से मछलियों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक हजारों मछलियां मरकर तलाई नदी के किनारे सड़ने लगी हैं। इसके कारण पास की दो बस्तियों समेत कम से कम आधा दर्जन बस्तियों में तेज बदबू फैल गई है, जिससे स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। सुबह तलाई के पास टहलने आने वाले लोगों ने भी आना बंद कर दिया है।
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प्रशासन की लापरवाही और चुप्पी ने बिगाड़े हालात
यह हालात अचानक नहीं पैदा हुए। पिछले पांच दिनों से मीडिया लगातार इस जलस्रोत की दुर्दशा और इसके रखरखाव की अनदेखी को उजागर कर रहा था। लेकिन इसके बावजूद नगर विकास न्यास और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी मौके पर नहीं आ रहे हैं और न ही सफाई या जल शुद्धिकरण के लिए कोई प्रयास किए जा रहे हैं। तलाई की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।
करोड़ों खर्च, फिर भी बदहाल
गौरतलब है कि धर्म तलाई के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए नगर विकास न्यास ने करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। लेकिन, यह झील आज सफेद हाथी बनकर रह गई है। कभी शहर के आकर्षण का केंद्र रही यह झील अब लोगों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। समय रहते हालात नहीं सुधारे गए तो यह झील शहर के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
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