भारत में कई मंदिर हैं, जिनसे अलग-अलग मान्यताएं और पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं। इन्हीं में से एक है यूपी के भरतपुर शहर में गंगा मंदिर के पीछे स्थित प्राचीन श्री काले हनुमान जी का मंदिर। यह एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां हर दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस धाम के दर्शन के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं। कहा जाता है कि यहां एक बार दर्शन मात्र से ही व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं, तो आइए जानते हैं वीर हनुमान जी के इस दिव्य मंदिर (बड़े हनुमान मंदिर) से जुड़ी कुछ खास बातें।
भरतपुर में कैसे विराजमान हुए काले हनुमान जी?
इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जब नागा साधुओं का एक समूह हनुमान जी की काली मूर्ति की स्थापना करने जा रहा था, तो उनका वाहन भरतपुर क्षेत्र से गुजरा। इसके बाद उनका वाहन आगे नहीं बढ़ सका। लाख कोशिशों के बावजूद कोई कुछ नहीं कर सका। सारे प्रयास विफल होने के बाद नागा साधुओं ने थक हारकर उस मूर्ति को वहीं स्थापित कर दिया। तब से इस मंदिर की महिमा हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है।
यहां हनुमान जी की मूर्ति काली क्यों है?
आपको बता दें कि इस धाम का इतिहास लगभग 150 साल पुराना है। वहीं, हनुमान जी की काली मूर्ति के बारे में इस मंदिर के पुजारी कहते हैं कि जब हनुमान जी ने लंका दहन किया था, उस दौरान उनका पूरा शरीर काला पड़ गया था और हनुमान जी की यह मूर्ति उसी समय का स्वरूप है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्त रामभक्त को लाल चोले की जगह काला चोला चढ़ाते हैं और उनके चेहरे पर केसरिया रंग लगाते हैं।
