जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर मंगलवार को दो बड़े घटनाक्रम सामने आए। सकरी क्षेत्र के भरनी गांव में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए प्रार्थना भवन को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस भवन को लेकर पहले ही मतांतरण के प्रयास का आरोप लगाया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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इधर, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर मतांतरण का प्रयास किया गया। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मिली, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर पुलिस तत्काल पहुँची और हालात को काबू में लिया। इस दौरान पुलिस ने तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
तनाव का माहौल
दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भरनी गांव और बहतराई दोनों मामलों में विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इनके पीछे किसका हाथ है।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था की आड़ में मतांतरण के प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। वहीं प्रशासन का रुख साफ है कि किसी भी अवैध निर्माण और गैरकानूनी गतिविधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
