उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से इंटरमीडिएट का पेपर देने के बाद लापता हुई छह छात्राओं को पुलिस ने हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में काफी चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी छात्राओं को सुरक्षित ढूंढ लिया गया। फिलहाल उन्हें काउंसलिंग के लिए वनस्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां उन्हें और उनके परिजनों को उचित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ये सभी छात्राएं बिजनौर के एक विद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के बाद अचानक लापता हो गई थीं। जब छात्राएं घर नहीं पहुंचीं तो उनके परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद चिंतित परिवारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एक साथ छह छात्राओं के लापता होने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने छात्राओं की तलाश के लिए कई टीमें गठित कीं और आसपास के जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड के इलाकों में भी तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि छात्राएं हरिद्वार में देखी गई हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने हरिद्वार पहुंचकर उन्हें खोज निकाला और सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
पूछताछ के दौरान छात्राओं ने बताया कि वे भविष्य को लेकर चिंतित थीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती थीं। इसी कारण वे नौकरी की तलाश में हरिद्वार चली गई थीं। छात्राओं का कहना था कि वे अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं और परिवार की आर्थिक स्थिति में मदद करना चाहती थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या दबाव की बात सामने नहीं आई है। छात्राएं अपनी इच्छा से हरिद्वार गई थीं। हालांकि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके साथ किसी प्रकार की गलत घटना न हुई हो।
छात्राओं को फिलहाल वनस्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां विशेषज्ञों द्वारा उनकी काउंसलिंग की जा रही है। साथ ही उनके परिवारों को भी बुलाया गया है ताकि उन्हें इस स्थिति से सही तरीके से निपटने के लिए आवश्यक सलाह और सहयोग मिल सके। काउंसलिंग के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा और करियर से जुड़े बेहतर विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि किशोर अवस्था में कई बार बच्चे भविष्य और आर्थिक स्थिति को लेकर जल्दबाजी में फैसले ले लेते हैं। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए छात्राओं और उनके परिजनों दोनों को समझाया जा रहा है कि किसी भी बड़े निर्णय से पहले परिवार और शिक्षकों से सलाह लेना जरूरी है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी चिंताओं को समझने की कोशिश करें। वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी छात्राओं की सुरक्षित बरामदगी होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है। अब उम्मीद की जा रही है कि काउंसलिंग और मार्गदर्शन के बाद छात्राएं अपने भविष्य को लेकर बेहतर निर्णय ले सकेंगी।
