बाड़मेर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सेड़वा क्षेत्र स्थित हरपालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में संचालित एक आवासीय हॉस्टल में बच्चों के साथ बर्बरता किए जाने का मामला उजागर हुआ है। यहां बच्चों को पढ़ाने वाले एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने न केवल बच्चों की पिटाई की, बल्कि उन्हें गर्म लोहे के सरिए से दागकर गंभीर रूप से घायल भी कर दिया।
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
सूत्रों के अनुसार, घटना तब सामने आई जब बच्चों से मारपीट और दागने की बात पूछने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में मासूम बच्चे रोते-बिलखते हुए अपनी पीड़ा बयान करते नजर आ रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो लोगों तक पहुंचा, पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोग तुरंत हरकत में आए और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यक्ति को डिटेन कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी ने इतनी अमानवीय हरकत क्यों की। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और बच्चों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
गौरतलब है कि जिस हॉस्टल में यह वारदात हुई, वह मंदिर परिसर में संचालित होता है और वहां पर गरीब व जरूरतमंद बच्चों को रखकर शिक्षा दी जाती है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वीडियो सामने नहीं आता, तो शायद यह अमानवीय कृत्य दबा दिया जाता।
घटना के बाद से इलाके में गुस्से का माहौल है। लोगों की मांग है कि दोषी व्यक्ति पर कठोर कार्रवाई की जाए और हॉस्टल में रह रहे अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के मेडिकल परीक्षण करवाए जा रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि किस हद तक उन्हें चोटें आई हैं। शुरुआती जांच में बच्चों के शरीर पर पिटाई और दागने के कई निशान पाए गए हैं।
यह घटना न सिर्फ प्रशासन बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। जहां एक ओर मंदिर और हॉस्टल बच्चों के लिए सुरक्षित ठिकाने होने चाहिए, वहीं ऐसी घटनाएं विश्वास को तोड़ने का काम करती हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है और दोषी को सजा दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
