मंगलवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है और इस दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग और रवि योग का संयोग बन रहा है। साथ ही, मंगलवार को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में और चंद्रमा बृहस्पति की राशि धनु में गोचर करेगा। शास्त्रों में हनुमानजी को अष्टसिद्धि और नवनिधि का दाता कहा गया है। मंगलवार को उनकी पूजा करने से भक्ति, शक्ति और निर्भयता प्राप्त होती है। साथ ही, हनुमानजी की कृपा से शत्रु, भूत-प्रेत, बुरी शक्तियां दूर रहती हैं। आइए जानते हैं मंगलवार को शुभ योग में हनुमानजी की पूजा करने के लाभ…
मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त और रवि योग का समय
दृक पंचांग के अनुसार, मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 3:31 बजे से शुरू होकर शाम 5:6 बजे तक रहेगा। गोधूलि बेला शाम 6:42 बजे से शाम 7:05 बजे तक रहेगी। रवि योग दिन भर रहेगा, जबकि प्रीति योग शाम 4:40 बजे तक रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग शुरू हो जाएगा।
मंगलवार को शुभ योग
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मंगलवार है और इस दिन राम भक्त हनुमानजी और ग्रहों के सेनापति मंगल देव की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। साथ ही कुंडली में मंगल की स्थिति भी मजबूत होती है। इस दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे मंगलवार का महत्व और भी बढ़ गया है। इसके साथ ही मंगलवार त्रयोदशी तिथि पर पड़ रहा है। साधक इस दिन व्रत रख सकते हैं। स्कंद पुराण के अनुसार, इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। भक्त बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय अपनाकर उनकी कृपा के पात्र बन सकते हैं।
मंगलवार को पूजा
मंगलवार को विधि-विधान से पूजा करने के लिए, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और दैनिक कार्य, स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल की सफाई करें। फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर पूजा सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाकर बजरंग बली की आरती करें। इसके बाद आरती का जल पीकर आसन को प्रणाम करें और प्रसाद ग्रहण करें। साथ ही, इस दिन शाम के समय हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को करें ये काम
व्रत के दौरान केवल एक बार भोजन करें और नमक का सेवन न करें। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से बल और साहस में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि नियमित रूप से बजरंगबली की पूजा करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
