राजस्थान के अलवर शहर में मोहर्रम के दिन ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रदीप कुमार नामक पुलिसकर्मी पर हुए इस हमले के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार शाम को चारों आरोपियों का बापर्दा जुलूस शहर के जेल चौराहे और आसपास के इलाकों में निकाला गया, ताकि समाज में अपराधियों के प्रति भय और कानून का सम्मान बना रहे।
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6 जुलाई को हुई थी घटना
यह मामला 6 जुलाई का है, जब मोहर्रम के अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में जुटे पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार पर अचानक भीड़ में से कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हमले में पुलिसकर्मी को चोटें आई थीं और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा।
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24 घंटे में आरोपियों की हुई पहचान
अलवर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में विशेष टीम का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और चश्मदीद गवाहों की मदद से 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर ली गई। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अपराधियों में भय के लिए निकाला गया बापर्दा जुलूस
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार शाम को पुलिस ने जेल चौराहा, मालाखेड़ा रोड, और कलेक्टर सर्किल के आसपास बापर्दा जुलूस निकाला। आरोपियों के चेहरे कपड़े से ढके हुए थे, और उनके हाथों में अपराध के पोस्टर लटकाए गए थे। इस दौरान पुलिस ने लाउडस्पीकर से जनता को संदेश भी दिया कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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पुलिस के इस कदम को लेकर स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे अपराध नियंत्रण का प्रभावी तरीका बताया, तो कुछ ने इसे सार्वजनिक अपमान कहकर आलोचना की।
पुलिस का सख्त संदेश
इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमले को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अलवर एसपी ने कहा,
“सरकारी ड्यूटी में लगे कर्मियों पर हमला सीधे तौर पर कानून व्यवस्था पर हमला है। दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए त्वरित चार्जशीट दायर की जाएगी।”
